संक्षेप में: DRT और SARFAESI
बैंक जब SARFAESI अधिनियम, 2002 की धारा 13(2) के तहत माँग नोटिस भेजता है, तो कर्ज़दार के पास भुगतान के लिए 60 दिन होते हैं और वह आपत्ति दर्ज कर सकता है, जिसका जवाब बैंक को देना होता है। अगर बैंक धारा 13(4) के तहत कब्ज़ा या दूसरी कार्रवाई करता है, तो कर्ज़दार 45 दिन के भीतर धारा 17 के तहत डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में आवेदन कर सकता है, और उसके बाद DRAT में अपील हो सकती है। लॉ चैंबर्स ऑफ़ मृदुल जिंदल गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में ऐसे मामले देखता है। कॉल करें: +91-8800669834
बैंक का नोटिस, कब्ज़ा या नीलामी? आपकी समय-सीमा शुरू हो चुकी है
SARFAESI अधिनियम, 2002 की धारा 13(2) का डिमांड नोटिस, घर या फ़ैक्टरी पर चिपका कब्ज़ा नोटिस, या अख़बार में नीलामी का विज्ञापन, किसी भी कर्ज़दार या गारंटर के लिए यह तनाव भरा समय होता है। SARFAESI प्रक्रिया छोटी कानूनी समय-सीमाओं पर चलती है, और एक भी समय-सीमा चूकने से कोई उपाय हमेशा के लिए हाथ से निकल सकता है।
लॉ चैम्बर्स ऑफ़ मृदुल जिंदल ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) और ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण (DRAT) में कर्ज़दारों, गारंटरों, MSME और घर ख़रीदारों की पैरवी करता है। ज़रूरत पड़ने पर हम हाईकोर्ट में रिट याचिका भी दाख़िल करते हैं। हम बैंकों, NBFC, हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियों और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) के ख़िलाफ़ मामले देखते हैं।
हम जल्दी कदम उठाते हैं, बैंक के दस्तावेज़ों को ध्यान से जाँचते हैं, और कानून में दी गई हर प्रक्रियात्मक सुरक्षा का इस्तेमाल करते हैं। इससे अक्सर इतना समय मिल जाता है कि बैंक से उचित वन टाइम सेटलमेंट हो सके।
हर चरण पर SARFAESI में आपका बचाव
धारा 13(2) डिमांड नोटिस (60 दिन): हम धारा 13(3A) के तहत विस्तृत आपत्ति तैयार करते हैं। बैंक को उस पर विचार करना होता है, और आपत्ति ख़ारिज करने पर 15 दिन में कारण बताने होते हैं। NPA वर्गीकरण, दावा की गई राशि या सिक्योरिटी पर सवाल उठाने वाली मज़बूत आपत्ति अक्सर आपके DRT केस की नींव बनती है।
धारा 13(4) और धारा 14 के तहत कब्ज़ा: जब बैंक प्रतीकात्मक या भौतिक कब्ज़ा लेता है, या धारा 14 के तहत मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट या ज़िला मजिस्ट्रेट से आदेश लेता है, तो हम हर कदम की जाँच सिक्योरिटी इंटरेस्ट (एनफ़ोर्समेंट) रूल्स, 2002 के अनुसार करते हैं।
धारा 17 के तहत आवेदन (45 दिन): धारा 13(4) की किसी भी कार्रवाई को 45 दिन के भीतर DRT में चुनौती दी जा सकती है। आधारों में शामिल हैं: दोषपूर्ण नोटिस, ग़लत NPA वर्गीकरण, बिना कारण आपत्ति ख़ारिज करना, ग़लत मूल्यांकन, अपर्याप्त नीलामी नोटिस और कृषि भूमि की छूट। जहाँ तथ्य उचित हों, वहाँ हम कब्ज़े या नीलामी पर अंतरिम रोक भी माँगते हैं।
धारा 13(8) के तहत संपत्ति छुड़ाना: नीलामी नोटिस प्रकाशित होने से पहले कर्ज़दार पूरी बकाया राशि और ख़र्च चुकाकर संपत्ति छुड़ा सकता है। हम इस अवसर के अनुसार फ़ंडिंग और बातचीत की योजना बनाने में मदद करते हैं।
DRT रिकवरी केस और DRAT अपील
बैंक और वित्तीय संस्थान ₹20 लाख या उससे अधिक के कर्ज़ की वसूली के लिए ऋण वसूली एवं दिवालियापन अधिनियम, 1993 की धारा 19 के तहत मूल आवेदन (OA) भी दाख़िल कर सकते हैं। हम लिखित जवाब, काउंटर-क्लेम और सेट-ऑफ़ दाख़िल करते हैं, ब्याज की गणना और पेनल चार्ज को चुनौती देते हैं, और उन गारंटरों का बचाव करते हैं जिनकी देनदारी गारंटी की सीमा से आगे खींची जा रही हो।
अगर DRT का फ़ैसला आपके ख़िलाफ़ आता है, तो SARFAESI की धारा 18 के तहत 30 दिन में DRAT में अपील होती है। इसमें कर्ज़ की राशि का 50% जमा करना होता है, जिसे DRAT घटाकर 25% कर सकता है। RDB अधिनियम के आदेशों के लिए अपील उसी अधिनियम की धारा 20 के तहत होती है। हम अपील इस तरह तैयार करते हैं कि जमा राशि कम हो सके और अंतरिम सुरक्षा मिल सके।
जहाँ अधिकार-क्षेत्र की ग़लती या प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन हो जिसे न्यायाधिकरण ठीक नहीं कर सकता, वहाँ हाईकोर्ट में रिट याचिका संभव हो सकती है। हमारा रिट याचिका पेज देखें।
समझौता, OTS और ज़रूरी दस्तावेज़
मुक़दमा अक्सर एक साधन होता है, असली लक्ष्य एक व्यावहारिक समझौता होता है। हम बैंकों और ARC के साथ वन टाइम सेटलमेंट (OTS) और रीस्ट्रक्चरिंग प्रस्तावों पर बातचीत और उनका दस्तावेज़ीकरण करते हैं, ताकि लंबित DRT कार्यवाही ठीक से बंद हो और सिक्योरिटी लिखित रूप में मुक्त हो।
ये दस्तावेज़ साथ लाएँ: लोन सैंक्शन लेटर और एग्रीमेंट, खाते का स्टेटमेंट, धारा 13(2) नोटिस और आपका जवाब, कब्ज़ा या धारा 14 का नोटिस, नीलामी नोटिस या अख़बार की कटिंग, मूल्यांकन रिपोर्ट (अगर दी गई हो), और रीस्ट्रक्चरिंग या सेटलमेंट के बारे में बैंक से हुआ पत्राचार।
परामर्श पहले से अपॉइंटमेंट लेकर इंदिरापुरम चैम्बर में या ऑनलाइन होता है। नोटिस मिलते ही हमसे संपर्क करें। अधिकार-क्षेत्र इस पर निर्भर करता है कि बैंक की शाखा या संपत्ति कहाँ है, और सही DRT हम पहली मीटिंग में तय कर देंगे। यह पेज केवल सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं।
DRT और SARFAESI से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके पास भुगतान करने या जवाब देने के लिए 60 दिन हैं। धारा 13(3A) के तहत विस्तृत आपत्ति दाख़िल करना बहुत ज़रूरी है। बैंक को उस पर विचार करना होता है, और आपत्ति ख़ारिज करने पर 15 दिन में कारण बताने होते हैं। यही जवाब आगे DRT में चुनौती का आधार बनता है।
धारा 13(4) के तहत कब्ज़ा या नीलामी नोटिस जैसी कार्रवाई के 45 दिनों के भीतर धारा 17 के तहत ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) में आवेदन दाख़िल करना होता है। देरी नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए तुरंत कदम उठाएँ।
हाँ। SARFAESI अधिनियम की धारा 18 के तहत DRAT में अपील 30 दिन में होती है, और कर्ज़दार को दावा की गई या तय की गई राशि का 50% जमा करना होता है, जिसे DRAT घटाकर 25% कर सकता है।
धारा 13(8) के तहत नीलामी नोटिस प्रकाशित होने से पहले कर्ज़दार पूरी बकाया राशि और ख़र्च चुकाकर संपत्ति छुड़ा सकता है। नोटिस, मूल्यांकन या नीलामी प्रक्रिया की खामियों को भी DRT में चुनौती दी जा सकती है।
SARFAESI या DRT का नोटिस मिला है?
SARFAESI की समय-सीमाएँ छोटी होती हैं। समय निकलने से पहले अधिवक्ता मृदुल जिंदल से बात करें।
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