बिल्डर कब्ज़ा देने में देर कर रहा है या रिफ़ंड नहीं दे रहा?
गाजियाबाद और नोएडा में बहुत से घर ख़रीदार वर्षों से अपने फ़्लैट के कब्ज़े का इंतज़ार कर रहे हैं। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) ऐसे ख़रीदारों को बिल्डर के ख़िलाफ़ सीधा और तेज़ उपाय देता है। लॉ चैंबर्स ऑफ़ मृदुल जिंदल घर ख़रीदारों की ओर से UP RERA और अन्य मंचों पर शिकायतें दायर करता है।
RERA के तहत आपके अधिकार
- रिफ़ंड और ब्याज: यदि बिल्डर तय समय पर कब्ज़ा नहीं देता, तो घर ख़रीदार परियोजना से हटकर जमा राशि ब्याज सहित वापस माँग सकता है (धारा 18)।
- देरी का ब्याज: यदि ख़रीदार परियोजना में बने रहना चाहता है, तो कब्ज़ा मिलने तक देरी की हर महीने का ब्याज माँग सकता है।
- मुआवज़ा: नुकसान के मुआवज़े के लिए न्यायनिर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) के पास आवेदन।
- वादे के अनुसार निर्माण: स्वीकृत नक्शे और विज्ञापन में किए गए वादों के पालन की माँग।
सर्वोच्च न्यायालय ने Newtech Promoters and Developers v. State of UP (2021) में कहा है कि तय समय पर कब्ज़ा न मिलने पर ख़रीदार का ब्याज सहित रिफ़ंड माँगने का अधिकार बिना शर्त है।
शिकायत की प्रक्रिया
- दस्तावेज़ों की जाँच: एलॉटमेंट लेटर, बिल्डर-बायर एग्रीमेंट, भुगतान की रसीदें और बिल्डर से पत्राचार।
- परियोजना की जानकारी: UP RERA की वेबसाइट पर परियोजना का पंजीकरण और स्थिति देखना।
- शिकायत दायर करना: UP RERA में ऑनलाइन शिकायत, राहत की स्पष्ट माँग के साथ।
- सुनवाई और आदेश का पालन: आदेश के बाद भी भुगतान न होने पर वसूली प्रमाणपत्र (recovery certificate) जारी करवाकर राशि की वसूली।
RERA के आदेश के विरुद्ध अपील उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट अपीलीय न्यायाधिकरण में 60 दिनों के भीतर की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या RERA में शिकायत के लिए वकील ज़रूरी है?
ख़रीदार ख़ुद भी शिकायत कर सकता है, लेकिन दस्तावेज़ों के आधार पर सही राहत माँगने, बिल्डर के जवाब का खंडन करने और आदेश के बाद वसूली करवाने में कानूनी सहायता उपयोगी होती है।
RERA और उपभोक्ता आयोग में से कहाँ शिकायत करें?
दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। RERA रियल एस्टेट के लिए विशेष मंच है और रिफ़ंड व ब्याज के आदेश देता है, जबकि उपभोक्ता आयोग में सेवा में कमी के लिए मुआवज़ा माँगा जा सकता है। सही विकल्प मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।
क्या पुराने प्रोजेक्ट पर भी RERA लागू होता है?
RERA उन परियोजनाओं पर लागू होता है जो अधिनियम लागू होने के समय पूरी नहीं हुई थीं (जिनका पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं मिला था), भले ही वे पहले शुरू हुई हों।
RERA का आदेश मिलने के बाद भी बिल्डर भुगतान न करे तो?
ख़रीदार RERA से वसूली प्रमाणपत्र जारी करवा सकता है, जिसके आधार पर राजस्व अधिकारी बिल्डर से भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूली करते हैं।
यह जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। आपके मामले के तथ्यों के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।
